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शिक्षा प्रशासन में नवाचार की दिशा में सोनभद्र की राष्ट्रीय उपलब्धि

📅 4 सितंबर 2026 | शाम 5:33 बजे
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शिक्षा प्रशासन में नवाचार की दिशा में सोनभद्र की राष्ट्रीय उपलब्धि

शिक्षा प्रशासन में नवाचार की दिशा में सोनभद्र की राष्ट्रीय उपलब्धि

निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड की अभिनव पहल को एनआईईपीए (निपा) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान

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सोनभद्र: जनपद सोनभद्र द्वारा शिक्षा प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में किए जा रहे निरंतर नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान प्राप्त हुई है।

राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (निपा), नई दिल्ली द्वारा शिक्षा प्रशासन में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत जनपद सोनभद्र की निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड आधारित अभिनव पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है।

नई दिल्ली में 02 एवं 03 सितम्बर, 2026 को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के 22 राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों से चयनित 84 जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को उनके अभिनव कार्यों एवं उत्कृष्ट प्रशासनिक प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।

आंकड़ा आधारित शिक्षा प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

यह उपलब्धि जनपद सोनभद्र के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह किसी एक अवसर अथवा एक परियोजना का परिणाम नहीं, बल्कि शिक्षा प्रशासन में आंकड़ों, प्रौद्योगिकी और नवाचार के प्रभावी उपयोग की दिशा में वर्षों से किए जा रहे निरंतर प्रयासों की परिणति है।

जनपद का भौगोलिक क्षेत्रफल विस्तृत होने तथा अनेक विद्यालयों के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्थित होने के कारण विद्यालयों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शैक्षिक संसाधनों से संबंधित सूचनाओं का समयबद्ध संकलन, विश्लेषण एवं उपयोग सदैव एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आवश्यकता रही है।

पूर्व में भी मिल चुकी है राष्ट्रीय पहचान

जनपद में आंकड़ा आधारित शिक्षा प्रशासन की इस यात्रा को पूर्व में भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्राप्त हो चुकी है।

एनआईईपीए द्वारा प्रकाशित शैक्षिक प्रशासन में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों के संकलन 2018–19 में सोनभद्र की “आधारभूत संरचना, नामांकन एवं शिक्षकों से संबंधित तात्कालिक आंकड़ों के प्रबंधन को सुदृढ़ करना” विषयक पहल को स्थान दिया गया था।

निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड की भूमिका

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता के विकास की नियमित निगरानी के लिए जनपद में निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड विकसित एवं संचालित किया गया।

इसका प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों के अधिगम स्तर की नियमित निगरानी, निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष प्रगति का विश्लेषण, अपेक्षित प्रगति न करने वाले विद्यार्थियों एवं विद्यालयों की पहचान तथा आवश्यकता के अनुरूप उपचारात्मक शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाना है।

तकनीकी सहयोग और प्रभावी क्रियान्वयन

इस अभिनव पहल के विकास एवं प्रभावी क्रियान्वयन में जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा विभाग, विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के साथ तकनीकी सहयोग का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

डैशबोर्ड के तकनीकी विकास एवं संचालन में राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केन्द्र (एनआईसी), सोनभद्र का सहयोग रहा।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मुकुल आनन्द पाण्डेय के नेतृत्व में इस पहल को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया गया।

राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त उपलब्धियां

जनपद की इस आंकड़ा आधारित शिक्षा प्रशासन व्यवस्था को आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई।

यूज़ डेटा प्रतियोगिता की आकांक्षी जनपदों की शिक्षा श्रेणी में सोनभद्र को राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

राष्ट्रीय सम्मेलन में सोनभद्र की प्रस्तुति

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों से आए शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए नवाचारों का प्रस्तुतीकरण किया।

इस राष्ट्रीय मंच पर सोनभद्र की अभिनव पहल का प्रस्तुतीकरण एवं सम्मानित होना जनपद के लिए गौरव का विषय है।

जिलाधिकारी ने दी बधाई

जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने जनपद की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मुकुल आनन्द पाण्डेय एवं शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नवाचारों से शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने में सहायता मिलती है।

नवाचार और डिजिटल शिक्षा प्रशासन की मिसाल

सोनभद्र की यह उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि स्थानीय परिस्थितियों से उत्पन्न चुनौतियों के समाधान के लिए यदि प्रौद्योगिकी, आंकड़े, नवाचार एवं क्षेत्रीय अनुभवों को एक साथ जोड़ा जाए तो स्थानीय स्तर पर विकसित पहल राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय कार्यप्रणाली का रूप ले सकती है।

यह सम्मान शिक्षा प्रशासन में नवाचार, आंकड़ा आधारित निर्णय-निर्धारण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति जनपद की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

सोनभद्र की यह राष्ट्रीय उपलब्धि शिक्षा प्रशासन में नवाचार और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

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